OBC के लिए बाबा साहेब आंबेडकर का योगदान | संविधान और आरक्षण
OBC के लिए बाबा साहेब आंबेडकर का योगदान | संविधान, आरक्षण और सामाजिक न्याय OBC के लिए बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का ऐतिहासिक योगदान जब भी डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम लिया जाता है, तो अधिकतर लोग उन्हें केवल अनुसूचित जाति (SC) तक सीमित कर देते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि आज OBC (Other Backward Classes) को जो संवैधानिक अधिकार मिले हैं, उनकी बुनियाद भी बाबा साहेब आंबेडकर ने ही रखी। 1. पिछड़े वर्ग (Backward Classes) की अवधारणा बाबा साहेब पहले व्यक्ति थे जिन्होंने भारतीय समाज को केवल ऊँच-नीच या जाति के आधार पर नहीं, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर समझा। उन्होंने कहा कि पिछड़ापन जन्म से नहीं, बल्कि अवसरों की कमी से पैदा होता है। 2. संविधान में OBC के अधिकार हालाँकि संविधान में सीधे “OBC” शब्द नहीं लिखा गया, लेकिन बाबा साहेब ने पिछड़े वर्गों के लिए कानूनी रास्ता पूरी मजबूती से तैयार किया। अनुच्छेद 15(4) राज्य को अधिकार देता है कि वह सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान कर सके, खासकर शिक्षा में। अनुच्छेद 16(4) सरकारी नौकरि...